मोदी और क्रोएशियाई प्रधानमंत्री प्लेंकोविक ने रक्षा सहयोग योजना तैयार करने का निर्णय लिया

जगरेब : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविक के साथ वार्ता की जिसके बाद दोनों देशों ने ‘रक्षा सहयोग योजना’ तैयार करने पर सहमति जतायी और व्यापार, नवीकरणीय ऊर्जा तथा सेमीकंडक्टर समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया। मोदी ने बुधवार को मीडिया में दिए अपने बयान में कहा कि उन्होंने और प्लेंकोविक ने इस पर सहमति जतायी कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और यह लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली ताकतों के लिए दुश्मन के समान है। मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में कनाडा से बुधवार सुबह जगरेब पहुंचे। वार्ता में दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) समेत क्षेत्रीय संपर्क मजबूत करने की महत्ता पर भी सहमति जतायी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्रोएशिया मध्य और दक्षिण-पूर्वी यूरोप में भारत के प्रवेश द्वार के रूप में काम कर सकता है। दोनों पक्षों ने लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए शीघ्र ही गतिशीलता समझौते को अंतिम रूप देने का भी निर्णय लिया। मोदी ने कहा, हम 22 अप्रैल को भारत में आतंकवादी हमले पर संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए क्रोएशिया के प्रधानमंत्री तथा सरकार के आभारी हैं। ऐसे कठिन समय में, हमारे मित्र देशों का समर्थन बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, हम दोनों ने सहमति जतायी कि आज के वैश्विक परिदृश्य में भारत और यूरोप के बीच साझेदारी का बहुत महत्व है। यूरोपीय संघ के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी मजबूत बनाने में क्रोएशिया का समर्थन एवं सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह और प्लेंकोविक दोनों इस बात का समर्थन करते हैं कि चाहे यूरोप हो या एशिया, समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदानों से नहीं पाया जा सकता है। उन्होंने विस्तारपूर्वक जानकारी दिए बगैर कहा, बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है। किसी भी देश के लिए क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान आवश्यक है। उनकी यह टिप्पणी पश्चिम एशिया में इजराइल और ईरान के बीच सैन्य टकराव बढ़ने के कारण पैदा हुयी स्थिति के बीच आई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में दीर्घकालीन सहयोग के लिए एक ‘रक्षा सहयोग योजना’ तैयार की जाएगी, जिस पर रक्षा उद्योग के साथ ही प्रशिक्षण और सैन्य आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा, हमने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। मोदी ने कहा, हम औषधि, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, डिजिटल प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देंगे। जहाज निर्माण और साइबर सुरक्षा में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।

मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर प्लेंकोविक के साथ वार्ता को सार्थक बताया। उन्होंने कहा, हमारी बातचीत कई क्षेत्रों को लेकर हुई, जिसका उद्देश्य भारत-क्रोएशिया संबंध को और भी मजबूत बनाना था। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, रक्षा और सुरक्षा, अंतरिक्ष, सांस्कृतिक सहयोग तथा लोगों के बीच परस्पर संबंध समेत द्विपक्षीय साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उसने बताया कि दोनों नेता इस पर सहमत हुए कि बुनियादी ढांचे, बंदरगाह और शिपिंग, डिजिटलीकरण, कृत्रिम मेधा, नवीकरणीय ऊर्जा, औषधि और पर्यटन एवं आतिथ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के महत्वपूर्ण अवसर हैं। मंत्रालय ने बताया कि मोदी और प्लेंकोविक ने परस्पर हित के महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। उसने बताया, दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार, जलवायु परिवर्तन कार्रवाई तथा आंतकवाद से पैदा खतरों पर भी विचार साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति जोरान मिलनोविक से भी मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, दोनों नेताओं ने व्यापार, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्र में भारत-क्रोएशिया संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई तथा लोकतांत्रिक मूल्यों व वैश्विक शांति के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की।

  • Related Posts

    रूसी तेल का सबसे बड़ा ख़रीदार चीन, फिर भी ट्रंप के निशाने पर भारत

    🇮🇳 रूसी तेल का सबसे बड़ा ख़रीदार चीन, फिर भी ट्रंप के निशाने पर भारत क्यों? 🛢 ट्रंप की धमकी और भारत पर सीधा हमला अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड…

    ‘ट्रंप इसी राह पर चले तो…’, अमेरिकी टैरिफ़ से क्या भारत और चीन आएंगे क़रीब?

    भारत और अमेरिका के बीच दो साल के भीतर ही हालात पूरी तरह से बदल गए हैं. ये हैरान करने वाली बात है. सिर्फ़ दो साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    रूसी तेल का सबसे बड़ा ख़रीदार चीन, फिर भी ट्रंप के निशाने पर भारत

    • August 7, 2025
    • 2 views
    रूसी तेल का सबसे बड़ा ख़रीदार चीन, फिर भी ट्रंप के निशाने पर भारत

    दिल्ली में इतने सांप क्यों निकल रहे हैं?

    • August 7, 2025
    • 2 views
    दिल्ली में इतने सांप क्यों निकल रहे हैं?

    ‘ट्रंप इसी राह पर चले तो…’, अमेरिकी टैरिफ़ से क्या भारत और चीन आएंगे क़रीब?

    • August 7, 2025
    • 2 views
    ‘ट्रंप इसी राह पर चले तो…’, अमेरिकी टैरिफ़ से क्या भारत और चीन आएंगे क़रीब?

    ‘दुश्मन अगर ख़ुद को बर्बाद करने पर तुला हो तो न दें दख़ल’, ट्रंप की भारत को धमकी पर जानकार क्या बोले

    • August 7, 2025
    • 2 views
    ‘दुश्मन अगर ख़ुद को बर्बाद करने पर तुला हो तो न दें दख़ल’, ट्रंप की भारत को धमकी पर जानकार क्या बोले

    ‘दुश्मन अगर ख़ुद को बर्बाद करने पर तुला हो तो न दें दख़ल’, ट्रंप की टैरिफ़ की धमकी पर भारत को क्या सलाह दे रहे हैं जानकार

    • August 6, 2025
    • 27 views
    ‘दुश्मन अगर ख़ुद को बर्बाद करने पर तुला हो तो न दें दख़ल’, ट्रंप की टैरिफ़ की धमकी पर भारत को क्या सलाह दे रहे हैं जानकार

    उत्तरकाशी: बादल फटने से सेना के नौ जवानों समेत 50 से ज़्यादा लापता और चार की मौत, चश्मदीदों ने क्या बताया

    • August 6, 2025
    • 3 views
    उत्तरकाशी: बादल फटने से सेना के नौ जवानों समेत 50 से ज़्यादा लापता और चार की मौत, चश्मदीदों ने क्या बताया